लॉकडाउन में राहत मिली तो कम्‍बाइन से बगैर रीपर कटाई शुरू

लॉकडाउन में राहत मिली तो कम्‍बाइन से बगैर रीपर कटाई शुरू 


लॉकडाउन के बीच गेहूं की खड़ी फसल की कटाई के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जिले में मौजूद कम्‍बाइन मशीनों के इस्‍तेमाल की छूट दे दी है। पिपरौली ब्लाक में शुक्रवार से कम्बाइन हार्वेस्टिंग भी शुरू हो गई लेकिन रीपर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जबकि कम्बाइन हार्वेस्टिंग के दौरान रीपर का इस्तेमाल अनिवार्य है।


कम्‍बाइन मशीन में रीपर लगा होने पर कटाई के साथ ही दाना अलग और भूसा अलग हो जाता है। ऐसा नहीं होने पर डंठल खेत में छूट जाती है जिसे बाद में लोग जला देते हैं। इससे प्रदूषण और बड़े पैमाने पर आगजनी की घटनाएं होती रहती हैं। इसी से बचने के लिए एनजीटी और सरकार दोनों ने कम्‍बाइन में रीपर के प्रयोग को अनिवार्य कर रखा। 


उधर, कम्बाइन मशीनों के संचालकों को कल-पुर्जे मिलने में दिक्कत हो रही है। डीजल के लिए पेट्रोल पम्प तक पहुंचना के मुश्किल हो रहा है। लोगों की मांग है कि कम्बाइन, ट्रैक्टर ट्राली समेत कृषि कार्य संबंधी यत्रों के कल पुर्जों की बिक्री के लिए दुकाने खोलने की अनुमति दी जाए। अन्यथा फसलों की कटाई का काम प्रभावित होगा। 


बोले किसान, घट गया उत्पादन
दूसरी ओर किसानों को पीड़ा है कि उनका उत्पादन काफी गिर गया है। ओलावृष्टि, बारिश और आंधी की फसल पर हुई मार को भले ही सरकार ने आपदा की श्रेणी में मानक के अनुरूप नहीं पाया लेकिन उनका उत्पादन काफी घट गया है। फसलों के दाने भी बेहतर नहीं हैं। किसान चन्द्र भुषण सिह, शंकर यादव, खुडबुड निषाद व कैलाश गुप्ता कहते हैं कि फसल की उत्पादन लागत मिल जाए तो अपनी खुशनसीबी समझिए।