कोरोना से जंग को कम पड़ रहे हथियार, हफ्ते भर बाद भी देवरिया की मांग अधूरी
देवरिया का स्वास्थ्य विभाग बिना जांच और सुरक्षा उपकरणों के ही कोरोना से जंग लड़ रहा है। डिमांड करने के सप्ताह भर बाद भी जरूरी उपकरण, सामान नहीं मिले हैं। डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ बिना पर्सनल प्रोटेक्शन एक्यूपमेंट के ही कोरोना संदिग्ध मरीजों का जांच व इलाज कर रहे हैं।
जिला अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
सभी अस्पतालों पर कोरोना संदिग्धों को जांच करने को डाक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगायी गयी है, लेकिन डाक्टर, स्वास्थ्य कर्मी बिना पर्सनल प्रोटेक्शन एक्यूपमेंट किट, थर्मोमीटर, मास्क, ग्लब्स के ही ड्यूटी कर रहे हैं। शासन से अब-तक दो बार में 20 लाख रुपया मिलने के बाद भी अस्पताल संसाधनों, जरूरी उपकरणों से लैस नहीं हो सके हैं। इससे डाक्टर, स्वास्थ्य कर्मी जोखिम उठाकर आने वाले मरीजों की जांच, इलाज कर रहे हैं। जिले के अस्पतालों पर आने वालों के बुखार की जांच करने को जिला अस्पताल में एक और अन्य अस्पतालों के लिए महज 5 इन्फ्रारेड थर्मोमीटर ही उपलब्ध हैं।
यह हाल तब है जबकि जिले में कोराना सदिग्धों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीन दिन में 11 नये संदिग्ध जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हो चुके हैं। हालांकि जांच में 9 की रिपोर्ट नेगेटिव मिलने पर उन्हे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। सीएमओ डा. आलोक पाण्डेय ने कहा कि शीघ्र आपूर्ति करने को फर्मो से बात की जा रही है। लेकिन सामानों की उपलब्धता न होने से इसमें विलंब हो रहा है। सामानों की आपूर्ति होते ही अस्पतालों को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
इन सामानों की एक सप्ताह पहले की गयी है डिमांड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एक सप्ताह पूर्व एन-95 मास्क-820, मास्क थ्री लेयर-1000, ट्रीपल लेयर मास्क-5 हजार, स्टेराइल सर्जिकल ग्लब्स-5 हजार, सेनेटाइजर-500, इन्फ्रारेड थर्मोमीटर-40, ब्लीचिंग पाउडर-70 बोरी, पर्सनल प्रोटेक्शन एक्यूपमेंट-05, हास्पिटल बेड-50, गद्दा-50, हैण्ड सेनेटाइजर-10 लीटर की डिमांड किया है। लेकिन अभी तक इसकी आपूर्ति नहीं हो सकी है।